बुधवार, 15 मार्च 2017

ईवीएम से जुडी कुछ रोचक बातें। चुनाव आयोग ने नकारा ईवीएम में गड़बड़ी के मायावती के आरोप को ..

हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों को लेकर बहुजन समाज पार्टी,कांग्रेस और आप ने ईवीएम की छेड़खानी पर संदेह जाहिर किया है।यहाँ तक की अरविंद केजरीवाल ने तो आने वाले एमसीडी के चुनावों में बेलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर दी है।
चुनाव आयोग ने ई वी एम् के संबंध में लिखी बसपा की चिट्टी का जवाब दे कर उनकी शंकाओ का समाधान करते हुए ई वी एम् का बचाव किया है।

इसी पर आधारित है ईवीएम से जुडी कुछ रोचक बातें।




1. क्या आप जानते है ई वी एम् क्या है 

ई वी एम् दो भागो से जुड़ कर बनी वोटिंग मशीन होती है जिसके एक भाग को कंट्रोल यूनिट और दूसरे भाग को बैलेट यूनिट कहते है।
कंट्रोल यूनिट पर जब निर्वाचन का अधिकारी बटन दबाता है इसके बाद  बैलेट यूनिट पर मतदाता अपने पसंद के चुनाव के सामने  का नीला बटन दबाता है और बीप की आवाज के साथ मतदान पूरा होता है। ई वी एम् पहली बार 16 सीटों में हुए विधानसभा चुनावों में 1998 में प्रयोग में लाई गई।

2. बिजली ना हो तो?

ई वी एम् में बिजली की आवश्यकता नहीं होती यह बैटरी से संचालित होती है।

3. ई वी एम् की छमता कितनी है?

एक  ई वी एम् में 3840 वोटों को डाला जा सकता है वैसे  एक केंद्र में 1500 मतदाताओं से अधिक मतदाता नहीं रखे जाते।

4. एक ई वी एम् में कितने अभ्यार्थी हो सकते है ?

एक बैलेट यूनिट में अधिकतम16 होते है यदि 16 से ज्यादा हों तो बैलेट यूनिट की संख्या उसी अनुपात में बढ़ सकती है।अधिकतम 64 अभ्यार्थी अर्थात 4 बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती है , कंट्रोल यूनिट एक ही होता है। संख्या 64 से बढ़ने पर बैलेट पेपर से ही मतदान होता है।

5. ई वी एम् ख़राब हो गई तो?

एक अधिकारी जिसके अंदर 10 केंद्र आते है के पास एक्स्ट्रा ई वी एम् होती हैँ।ई वी एम् खराबी के पहले पड़े वोट ई वी एम् मशीन में सुरक्षित रहते है।

6. बूथ कैप्चरिंग हुआ तब?

पीठासीन के पास मशीन बंद करने का बटन होता है जिसके बाद वोट संभव नहीं है। पीठासीन पर दबाव बनाया गया हो तब भी यह मशीन एक मिनट में 5 वोट ही दर्ज कर सकती है मतलब 30 मिनट में कुल 150 से अधिक मत नहीं डाले जा सकते।एक से अधिक बार बटन को दबाने पर मतदान नहीं हो सकता जब तक कंट्रोल यूनिट से उसे फिर से एक्टिव ना किया जाये

7. ई वी एम् मशीन में मत कब तक सुरक्षित रख सकते है ?

10 वर्षो तक।

8. ई वी एम् मशीन से करंट लग सकता है?

 मशीन से करंट की कोई सम्भावना नहीं होती।

9 क्या ई वी एम् मशीन को ऑनलाइन हैक कर सकते है?

मशीन इंटरनेट से जुडी नहीं होती इसलिए इसमें छेड़खानी संभव नहीं है।

10. मशीन में पहले से छेड़खानी हो तब?

ई वी एम् मशीन को मतदान केंद्र में पार्टियों के प्रतिनिधियों के सामने मॉक पोल कर जाँच किया जाता है।
मतों की संख्या को रजिस्टर में भी दर्ज किया जाता है जिसमे मतदाता की डिटेल होती है काउंटिंग के समय इसका मिलान भी मशीन से किया जाता है।

11. क्या मशीन की फिक्सिंग हो सकती है ?

मशीन की रेण्डमाईजेसन प्रक्रिया होती है जिसमे पहले लोकसभा फिर विधानसभा और अंत में बूथ तय होता है।मतदान दल को भी मशीन की जानकारी अंतिम समय में डिस्पैच के पहले ही पता चल पाती है।
मतदान के पहले पोलिंग एजेंट इसको वोट डाल कर भली भांति जाँच करते है  और उसके बाद प्रमाणित करते है कि कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई, इसके बाद ही वोटिंग शुरू होती है।

12 क्या मतदान दल मतदान के दौरान छेड़खानी कर सकता है ?

मतदान के समय विभिन्न दलों के पोलिंग एजेंट उपस्थित रहते है और मतदान दल को भी मशीन के पास जाने की मनाही होती है वह केवल तकनीकी खराबी के समय ही मशीन के पास जा सकते है।


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